सर नमस्ते, कोटा में पूरे देश से बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। पढ़ाई के साथ मोटीवेशन जरूरी है। मेरे लिए तो मोटीवेशन करने वाले आप हैं। आप ऐसे इकलौते सीएम हैं जिन्होंने अपने प्रदेश के बच्चों के बारे में चिंता जाहिर की और सभी को सकुशल घर पहुंचा दिया।
इतनी व्यस्तता के बाद भी आपको इतनी ऊर्जा कहां से मिलती है। छात्रा दीक्षा का यह सवाल सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हंसने लगे। बोले-सीएम का काम सिर्फ सत्ता चलाना नहीं है, यह भी देखना है कि उनके लोग किस हाल में हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को जूम एप के जरिए मुखातिब थे। शाम साढ़े चार बजे सबसे पहले उन्होंने वाराणसी पहुंचे विद्यार्थी से बात की और इसके बाद नंबर आया गोरखपुर का।
रुस्तमपुर की रहने वाली दीक्षा वर्मा कनेक्ट हुईं तो सीएम ने स्वास्थ्य के साथ ही पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कहा कि आप घर पहुंच गईं तो आपके माता-पिता सभी खुश हैं ना। सीएम ने कहा कि बच्चों को लाने में जो ऊर्जा लगी है, उसकी दक्षिणा आप सभी की सफलता से मिल जाएगी।