बुधवार को सत्यनारायण सिंह ड्यूटी चले गए, लेकिन रामसिंह घर पर था। उसने आयुष के अपहरण की साजिश रची। बुधवार दोपहर एक बजे के करीब स्कूल की छुट्टी होते ही वह आयुष के स्कूल पहुंच गया। उसने आयुष को चॉकलेट दिलाने का लालच दिया।
आयुष भी रामसिंह को अच्छे से जानता था, इसलिए साथ चला गया। आयुष को रामसिंह के साथ जाते उसके दोस्तों ने देखा था। राम सिंह आयुष को लेकर कटाइटिकर पुल के पास गया। छिपाने के नीयत से आयुष के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस कर नदी के किनारे झाड़ी में छिपा दिया।
उधर, स्कूल की छुट्टी होने के काफी देर बाद जब आयुष घर नहीं पहुंचा तो परिवार वाले तलाश करने लगे। साथ पढ़ने वाले दो बच्चों ने बताया कि रामसिंह उसे चॉकलेट दिलाने के लिए अपने साथ बाइक से ले गया है। इसके बाद परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने राम सिंह को हिरासत में लिया और पूछताछ की। करीब छह घंटे पुलिस को गुमराह करने के बाद आरोपी राम सिंह टूट गया और बच्चे के बारे में बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आयुष को घायल हालत में बरामद किया। आरोपी रामसिंह ने पुलिस को बताया कि आयुष के परिवार से चार लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए उसने उसका अपहरण किया था।