नालों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल व अन्य।
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देवरिया रोड पर तुर्रा नाले को जोड़ने वाले नाले के निर्माण में गड़बड़ी और सीवर लाइन के मामले में नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने दावा किया है कि जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठनवाल ने स्वीकार किया है कि इंजीनियरों ने गलती की है।
उन्होंने नगर विधायक को आश्वस्त किया है कि संयुक्त प्रबंध निदेशक (प्रशासन) अविनाश को जांच के लिए गोरखपुर भेजा था। उनकी लिखित रिपोर्ट आते ही संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने बताया कि जांच के बाद लौटे संयुक्त प्रबंध निदेशक के मौखिक फीडबैक पर विभाग के एमडी ने दोनों ही मामलों में इंजीनियरों पर लगाए गए उनके आरोप को सही बताया है। विधायक ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने उनसे फोन पर बातचीत में स्वीकार किया है कि देवरिया रोड पर बन रहे नाले की डिजाइन गलत बनाई गई है।
किसी भी नाले का बेस, बाढ़ के उच्चतम स्तर से ऊंचा होना चाहिए। वर्ना उसी तरह की बाढ़ के दौरान पानी शहर से बाहर निकलने की जगह वापस शहर में आ जाएगा। नाले का लेवल तय करते समय तुर्रा नाले का उच्चतम बाढ़ का स्तर नापा ही नहीं गया।