जाफरा बाजार के नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीन दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन रविवार से शुरू किया। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुधाकर पांडेय ने आंदोलन का नेतृत्व किया। लोगों का कहना था कि जब तक इलाके की जर्जर सड़क और सीवर लाइन को दुरुस्त नहीं किया जाएगा, सत्याग्रह जारी रहेगा।
डॉ. पांडेय ने कहा कि जाफरा बाजार चौराहे से उत्तर, कुएं के पास पाकड़ के पेड़ से रमदत्तपुर काली मंदिर तक की जर्जर सड़कों व सीवर की हालत ठीक नहीं है। इसे अगर दुरुस्त नहीं किया गया तो सत्याग्रह जारी रखेंगे। बताया कि जाफरा बाजार चौराहे पर नगर निगम का सीवर है। यह 15 वर्षों से खराब है। इसकी वजह से नाली की गंदगी सड़क पर ही बहती है। आने-जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल राहगीर करते हैं।
समाजसेवी सैय्यद इरशाद अहमद ने कहा कि यदि जाफरा बाजार की समस्याओं का हल नहीं निकाला गया तो बड़ा आंदोलन होगा। नगर निगम के आला अधिकारी जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय पार्षद संजीव सिंह सोनू, आदिल अमीन, त्रिभुवन गुप्ता, आफताब अहमद , मुर्तजा हुसैन रहमानी, अहमद हसन, कैश अख्तर, इंद्रासन शर्मा, रामभुआल गुप्ता, गजेंद्र मणि त्रिपाठी. महफूज अली, शादाब, बदरूल हक, असीर अहमद कल्लन, विजय गुप्ता, हफीजुल्लाह खान, गुलाम अली खान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
15 वर्ष से अधिक का समय हो गया है लेकिन इलाके की जर्जर सड़कें और नालियां दोनों ही खराब हैं। इस बार अगर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और आगे बढ़ाया जाएगा।
डॉ सुधाकर पांडेय, समाजसेवी
नगर निगम का सीवर वर्षों से चोक है। नाली की गंदगी सड़क पर बहने से राहगीरों को काफी परेशानी होती है। कई बार नगर निगम के अधिकारियों से भी शिकायत की गई। जबतक समस्या दूर नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा।
सैय्यद इरशाद अहमद, समाजसेवी