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जालसाजी: कंबोडिया में चाइनीज कंपनी करा रही भारतीयों से 'फ्रॉड', गोरखपुर के भी कई लोगों के फंसे होने कीआशंका

Tue, 23 Jul 2024 06:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

भारतीय नागरिकों से नौकरी के नाम पर चाइनीज कंपनियां कंबोडिया में ऑनलाइन जालसाजी करा रही हैं। वहां गए युवकों का पासपोर्ट बंधक रख लिया जाता है। केरला, बांग्लादेश और उत्तर प्रदेश के 150 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। इसका खुलासा 12 जुलाई को दूतावास की मदद से आए बड़हलगंज निवासी अनिल सिंह ने पुलिस के सामने किया है।
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साइबर ठगी के मामले - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय नागरिकों से नौकरी के नाम पर चाइनीज कंपनियां कंबोडिया में ऑनलाइन जालसाजी करा रही हैं। वहां गए युवकों का पासपोर्ट बंधक रख लिया जाता है। केरला, बांग्लादेश और उत्तर प्रदेश के 150 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। इसका खुलासा 12 जुलाई को दूतावास की मदद से आए बड़हलगंज निवासी अनिल सिंह ने पुलिस के सामने किया है।
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साथ ही आशंका जताई है कि गोरखपुर के लोग भी फंसे हो सकते हैं। अनिल की तहरीर पर पुलिस ने बड़हलगंज थाने में केस दर्ज कर एजेंट राहुल चौबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 

साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्री-पिक
जानकारी के अनुसार, बड़हलगंज कोड़ारी गांव निवासी अनिल सिंह ने बताया कि गांव के रहने वाले राहुल चौबे विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर 1.80 लाख रुपये लिए थे। 25 फरवरी 2024 के दिन अनिल को 16 लोगों के साथ कोलकाता वियतनाम होते हुए एक महीने के टूरिस्ट वीजा पर कंबोडिया भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि वहां पर पहले उन्हें इधर-उधर टहलाया गया। इसके बाद एक कंपनी में भेजा गया, जहां पर खजनी थाना के सतुआभार गांव निवासी अभयनाथ दुबे के पास भेजा गया।

अभयनाथ ने बताया कि बहुत आसान काम है, जो भी फोन आएगा, उनसे जानकारी लेकर फाइन में नोट करना है। इसके बाद मुझे काम पर लगाया गया। वहां पर केरला, बांग्लादेश और उत्तर प्रदेश के 150 से अधिक लोग काम कर रहे थे। वे लोग भारतीय लोगों को कॉल कर ऑफर की लालच देते थे, इसके बाद ओटीपी हासिल कर अकाउंट से रुपये निकाल लेते थे।

यह देखकर मैंने काम से इंकार कर दिया। तब अभयनाथ जान से मारने की धमकी देने लगा। उसने कहा कि काम नहीं करोगे तो पासपोर्ट भी नहीं मिलेगा।

 
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साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस रहे युवा - फोटो : अमर उजाला
अनिल ने बताया कि इसके बाद बिना पासपोर्ट के ही निकल गया। एक माह तक वह इधर-उधर भटककर दूतावास की मदद से अप्रैल माह में अपने घर वापस आया। इसके बाद से ही वह अपने रुपये वापस पाने के लिए एजेंट के राहुल चौबे के पीछे दौड़ रहा था। जब उसने रुपये वापस नहीं किए तब उसने पुलिस के सामने उसकी पोल खोली।

बड़हलगंज थाने में अनिल की तहरीर पर राहुल चौबे, खजनी सतुआभार के निवासी अभयनाथ दूबे, पुरुषोत्तम दूबे, दुर्गा ओझा और बिहार के समस्तीपुर जिले के मुन्ना सिंह समेत अज्ञात पर जालसाजी का केस दर्ज किया।

750 लोग गए हैं कंबोडिया
इस मामले की जांच एसपी क्राइम के नेतृत्व में साइबर अपराध थाने की टीम कर रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिले से करीब 750 लोग नौकरी करने के लिए कंबोडिया गए हैं। अब एक-एक लोगों के घर जाकर पुलिस उनके बारे में पता लगा रही है।

वर्ष 2024 का आकड़ा
अब तक करीब 55 साइबर जालसाजी के केस दर्ज किए गए हैं।
इसमे से 15 केस में खुलासा हुआ है।

 इस वर्ष करीब पांच करोड़ रुपये जालसाजी में लोग गंवा चुके हैं।
 इसमे से करीब 80 लाख रुपये वापस कराए गए हैं।

एसपी अपराध सुधीर जायसवाल ने बताया कि इस मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। इसमें एक एजेंट को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में उसने की अहम जानकारी दी है। जिसपर पुलिस काम कर रही है।
 
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