चिलुआताल पर्यटन के लिहाज से संभावनाओं से भरपूर होने के बावजूद हमेशा से उपेक्षित रहा। इस ताल की ओर लोगों का ध्यान तब गया जब बतौर सांसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताल के अतिक्रमण पर आपत्ति जताते हुए मंडल व जिला प्रशासन को पत्र लिखा।
योगी की पहल पर ही तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री रहे डाॅ. महेश शर्मा ने गोरखपुर आगमन के दौरान ताल का निरीक्षण किया और उसके सुंदरीकरण का आश्वासन दिया। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो शहर के सुंदरीकरण की अन्य योजनाओं के साथ-साथ चिलुआताल का सुंदरीकरण भी उनकी प्राथमिकताओं शामिल था। इसी का नतीजा है कि चिलुआताल भी रामगढ़ताल की तरह पर्यटन के मानचित्र पर उभरने के लिए तैयार हो रहा है।
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सैर सपाटे के साथ ले सकेंगे फास्ट फूड का जायका
रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल के पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने के बाद यहां भी बड़ी संख्या में फास्ट फूड आदि की दुकानें सजने लगेंगी, पर्यटको को लजीज व्यंजनों का जायका मिल सकेगा।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि शासन से बजट की पहली किस्त मिलने के बाद चिलुआताल के सुंदरीकरण का काम शुरू करा दिया गया है। 2024 में इसके निर्माण को पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटक स्थल के रूप में चिलुआताल के विकसित हाेने के बाद यहां भी पर्यटक आने शुरू हो जाएंगे। इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।