स्कूल ही करेंगे विद्यार्थी की क्षमता का आकलनविद्यार्थी को आगे चलकर गणित, जीवविज्ञान, कार्मस और कला में से कौन सी स्ट्रीम का चयन करना है। बोर्ड ने इसकी जिम्मेदारी स्कूलों पर छोड़ दी है।
वो विद्यार्थी की बौद्धिक क्षमता का आकलन करते हुए उन्हें पसंदीदा स्ट्रीम में प्रवेश दिलाएंगे। अस्थाई प्रवेश का मतलब परिणाम आने के बाद इसमें स्कूल की ओर से अपेक्षित बदलाव किया जा सकेगा।
लॉकडाउन की वजह से मार्च में सीआईएससीई की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को स्थगित किया गया है। उस समय दसवीं के छह और बारहवीं के 8 विषयों की परीक्षाएं बाकि बची थी। बोर्ड परीक्षाएं खत्म न होने की वजह से विद्यार्थियों का पूरा फोकस इस समय बोर्ड पेपर के रिवीजन पर ही टिका है।
खासकर बारहवीं के विद्यार्थियों को अपनी रूचि के मुताबिक जेईई, नीट सरीखी प्रतियोगिताओं की बाधा को पार करना भी चुनौती बन गया है। ऐसे में बोर्ड ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उन्हें ये सलाह दी है।
अध्यक्ष गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन अजय कुमार शाही ने कहा कि दसवीं के विद्यार्थियों को बोर्ड ने अगली कक्षा में प्रोविजनल एडमिशन देने का निर्देश दिया है। ताकि बच्चों की पढ़ाई किसी सूरत में प्रभावित न हो। जल्द ही प्रवेश लेकर इन विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास से जोड़ा जाएगा।