हज यात्रा की तैयारी कर रहे बच्चे, किशोर और साठ वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को एक साल और इंतजार करना पड़ सकता है। कोरोना महामारी से बचाव के मद्देनजर सऊदी अरब सरकार ने इस बार 18 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की हज यात्रा पर पाबंदी लगा दी है। इस्लामी वर्ष हिजरी 1442 के हज की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मक्सूद अहमद खान केपत्र के अनुसार सऊदी अरब सरकार ने हज की गाइडलाइन जारी की है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से दिसंबर 2020 मे आजमीने हज से आवेदन मांगे गए थे। कोरोना महामारी के मद्देनजर कमेटी ने 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग वाले लोगों को ही आवेदन करने की सलाह दी थी। तीन दिन पहले सऊदी सरकार से जारी की गई नई गाइडलाइन में अधिकतम आयु 65 से घटा कर 60 वर्ष कर दी गई है।
उनमें भी उन बुजुर्गों को ही हज यात्रा की अनुमति दी जाएगी जो बीते छह माह में किसी भी साधारण या गंभीर बीमारी से ग्रस्त न हुए हों। गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहे और डायलिसिस करवाने वाले मरीजों को भी इस बार हज यात्रा से वंचित रहना पड़ेगा।
सऊदी अरब पहुंचने पर तीन दिन रहेंगे क्वारंटीन
आजमीने हज के सऊदी अरब पहुंचने पर उन्हें तीन दिन तक होम क्वारंटीन रखा जाएगा। इस दौरान उनके गले और नाक के तरल पदार्थ का सैंपल लेकर जांच को भेजा जाएगा। कोरोना संक्रमण के बचाव के मद्देनजर इस बार आजमीने हज को होटल में सार्वजनिक या सामूहिक रूप से भोजन की व्यवस्था नहीं की गई है।
इस बार हर हाजी के कमरे में ही भोजन पहुंचाया जाएगा। सभी आजमीने हज को जागरूक किया जाएगा कि यदि उन्हें सामान्य या गंभीर किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होती है तो तुरंत ही चिकित्सक के पास जाएं और अन्य हाजियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खुद को अलग कर लें।