जन्मजात बीमारी है सेरेब्रल पाल्सी
डॉ. अमित शाही ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी बेहद गंभीर और जन्मजात बीमारी है। इस बीमारी में बच्चे का मानसिक स्तर (आईक्यू लेवल) शून्य हो जाता है। इसे दिमाग का लकवा भी कहते हैं। सुनने, समझने में भी दिक्कत होती है। इलाज, बच्चे की सही तरीके से देखभाल और अच्छी बातें बताया जाना है।
| संस्था का नाम |
बच्चों की संख्या |
| राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) |
129 |
| राजकीय महिला शरणालय |
05 |
| प्रतीक्षा बालिका आश्रय गृह |
28 |
| स्नेहालय खुला आश्रय गृह |
19 |
| एशियन सहयोगी संस्था, बाल गृह शिशु |
16 |
| प्रोविडेंस होम शिशु गृह |
26 |
| प्रोविडेंस होम बालिक गृह |
15 |
| आसरा विशेष स्कूल विशेष गृह |
22 |
ये हैं लक्षण
- सामान्य बच्चों के मुकाबले विकास कम और देर से होना।
- शरीर में अकड़न व बच्चे को गोद में लेने पर अकड़न बढ़ना।
- जन्म के तीन महीने के बाद भी गर्दन न टिका पाना
- जन्म के आठ महीने बाद भी बिना सहारे बैठ नहीं पाना।
- बच्चे का अपने शरीर पर नियंत्रण न होना।
सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार
- माइल्ड : बच्चे का आईक्यू 55-69 होता है। उसे पढ़ाई के लिए स्कूल भेजा जा सकता है।
- मॉडरेट : बच्चे का आईक्यू 40-54 होता है।
- सिवियर : बच्चे का आईक्यू 25-39 होता है।
- प्रोफाउंड : बच्चे का आईक्यू 0-24 तक होता है। बच्चा अधिकतर सोता है।
यह है बीमारी की वजह
समय से पहले प्रसव, जन्म के समय मस्तिष्क में गंदा पानी चला जाना, बच्चे का शारीरिक विकास ठीक तरह से न होना।
जिला अस्पताल मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने कहा कि शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों की जांच की जा रही है। 50 से अधिक बच्चे सेरेब्रल पाल्सी नाम की गंभीर बीमारी से ग्रसित मिले हैं। इन बच्चों की सेरेब्रल थेरेपी शुरू कर दी गई है। कई बच्चों की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं मिली है। इन सबका इलाज शुरू कर दिया गया है।