परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता को सुधारने के लिए शासन की ओर से तरह तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता का नया पैमाना निर्धारित किया है। अब कक्षा पांच तक के बच्चों के मूल्यांकन का आधार भाषा और गणित होगी। इसे लेकर शासन का आदेश गोरखपुर के बेसिक शिक्षा विभाग में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक भाषा विषय में कक्षा एक के बच्चे को निर्धारित सूची में पांच शब्दों को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए। कक्षा दो के छात्र को भाषा की किताब में 20 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की क्षमता, कक्षा तीन के छात्र में 30 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की क्षमता, कक्षा चार के बच्चे में किताब का छोटा पैरा पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों का सही जवाब देने की क्षमता तथा कक्षा पांच के छात्र में बड़ा पैरा पढ़कर 75 प्रतिशत सवालों के सही जवाब देने की क्षमता का मानक बना है।
कोरोना संक्रमण काल के बाद हालात सामान्य होने पर विद्यालय खुलने के पूर्व विभागीय मानक चौक चौबंद किए जा रहे हैं। शिक्षकों का मूल्यांकन भी बच्चों की योग्यता के आधार पर होगा। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से भी इस पर सवाल-जवाब हो सकता है।