विद्यालयों में बाल फिल्मों का प्रर्दशन
- फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति भारत की ओर से शुक्रवार को तीन परिषदीय विद्यालयों में बाल फिल्मों का प्रर्दशन किया गया। जहां, छोटा सिपाही ने बच्चों में देशभक्ति का जज्बा जगाया तो वहीं, बजरंगी बंदर पकड़ा गया और बल्लू शाह जैसी फिल्मों ने बच्चों को गुदगुदाने के साथ प्रेरणादायक सीख दी।
कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय रावत पाठशाला नार्मल टैक्सी स्टैंड, प्राथमिक विद्यालय दाउदपुर, कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय कांशीराम कॉलोनी में बाल फिल्मों को देखकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
सुबह 10 बजे से नार्मल टैक्सी स्टैंड के कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय रावत पाठशाला में लगभग 148 बच्चों ने बाल फिल्म छोटा सिपाही देखी। विद्यालय की प्रधानाध्यापक बृजनंदन यादव ने बताया कि बाल फिल्म देखकर बच्चों का निश्चित मानसिक विकास होगा। इस दौरान
शिक्षकिा आशा शुक्ला, रेणुका गुप्ता, शहनाज बनो, संगीता सिंह, अनीता सिंह, प्रीति रावत आदि मौजूद रहीं। दोपहर 12 बजे से प्राथमिक विद्यालय दाउदपुर में करीब 166 बच्चों ने बाल फिल्म ‘पकड़ा गया’ देखी। इसी कड़ी में विद्यालय की प्रधानाध्यापक को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘धन की बात’ पुस्तक भेंट कि गई। इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य गरिमा शाही ने कहा कि बच्चों को इस तरह का फिल्म देखकर प्रेरणा मिलता है। इस अवसर पर मीरा देवी, शोभा, दीपमाला मौजूद रहीं।
दोपहर 1:30 बजे से कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय काशीराम कॉलोनी में लगभग 110 बच्चों ने बाल फिल्म ‘बल्लू शाह’ देखी। फिल्म के माध्यम से बच्चों को कंजूसी नहीं करने की सीख मिली। बच्चे इस फिल्म को देखकर उत्साहित नजर आए। इस दौरान प्रधानाध्यापक सरिता दुबे ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों को बौद्धिक और मानसिक विकास होता है। बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ मनोरंजन आवश्यक है।