तीन तलाक पीड़िताओं को भी मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थियों में शामिल किया जाएगा। इसके तहत इन पीड़िताओं को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शासन की मंशा पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में तीन तलाक पीड़िताओं की तलाश शुरू कर दी है।
तीन तलाक पीड़िताओं को पेंशन की सुविधा देने के बाद अब प्रदेश सरकार उन्हें निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं देने की तैयारी कर रही है। शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को आदेश जारी किया गया है कि तीन तलाक पीड़िताओं को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थियों में शामिल किया जाए। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सेवा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश सरकार ने अब लाभार्थियों की श्रेणी में तीन तलाक पीड़िताओं को भी शामिल किया है। जिले में तीन तलाक पीड़िताओं की तलाश के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संपर्क साधा है। सूत्रों के अनुसार जिला अल्पसंख्यक अधिकारी कार्यालय में तीन तलाक पीड़िताओं का कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं है। विभाग अब पुलिस और समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करने की तैयारी कर रहा है।
गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा तीन तलाक पीड़िताओं को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान सूची में जोड़ने का शासनादेश प्राप्त हुआ है। जिले में तीन तलाक पीड़िताओं की सूची के लिए अल्प संख्यक कल्याण, समाज कल्याण और पुलिस विभाग से संपर्क किया जा रहा है। जानकारी मिलने पर पीड़िताओं को लाभार्थी सूची में शामिल कर शासन को अवगत कराया जाएगा।