फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिकनपॉक्स::: चिकनपॉक्स को लेकर रहें अलर्ट, बच्चों में बढ़ रहे मामले

विज्ञापन
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रोजाना पहुंच रहे एक से दो मरीज, जिला अस्पताल में भी मिल रहे संक्रमित
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मौसम में बदलाव के बीच चिकनपॉक्स को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों में इस बीमारी के मामले बढ़ने लगे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में इसके मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों ने साफ-सफाई रखने, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाने और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक्स विभाग में पहले जहां सप्ताह में दो से तीन मरीज पहुंच रहे थे, वहीं अब रोजाना एक से दो मरीज आ रहे हैं। जिला अस्पताल में भी प्रतिदिन एक से दो मरीज मिल रहे हैं।
विज्ञापन

चिकनपॉक्स को छोटी माता भी कहा जाता है। यह वैरिसेला-जोस्टर वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है। इसमें शरीर पर खुजली वाले लाल दाने निकलते हैं, जिनमें बाद में पानी भर सकता है। बुखार, थकान, सिरदर्द और भूख कम लगना भी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
शुरुआत में बुखार और सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं लेकिन केवल इनके आधार पर चिकनपॉक्स की पुष्टि नहीं की जा सकती। यह संक्रमण खांसने-छींकने से निकली बूंदों और संक्रमित व्यक्ति के दानों के संपर्क में आने से फैल सकता है।
इसलिए घर में किसी को चिकनपॉक्स होने पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। संक्रमित व्यक्ति को दाने सूखकर पपड़ी बनने तक दूसरों से अलग रखना चाहिए।

ऐसे करें बचाव
- दाने सूखकर पपड़ी बनने तक बच्चे को स्कूल या भीड़भाड़ वाली जगह पर न भेजें।
- हाथ साबुन से धोएं, तौलिया, कपड़े और बिस्तर अलग रखें।
- नाखून छोटे रखें ताकि त्वचा पर घाव और संक्रमण का खतरा कम हो।
- पर्याप्त पानी, फल, सब्जियां और हल्का पौष्टिक भोजन लें।
- चिकनपॉक्स से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। डॉक्टर से उम्र और टीकाकरण की स्थिति के अनुसार सलाह लें।
- बच्चों को एस्पिरिन न दें। बुखार या खुजली की दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें।


कोट,
बच्चों में चिकनपॉक्स के लक्षण दिखने पर अभिभावक लापरवाही न बरतें। बुखार के साथ शरीर पर पानी भरे दाने निकलना इसका प्रमुख लक्षण है। संक्रमित बच्चे को स्कूल न भेजें और दाने पूरी तरह सूखकर पपड़ी बनने तक दूसरों से अलग रखें। बच्चे को पर्याप्त पानी और पौष्टिक आहार दें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न दें।
विज्ञापन

- डॉ. भूपेंद्र शर्मा, प्रोफेसर, बाल रोग विभाग, बीआरडी मेडिकल कॉलेज


चिकनपॉक्स से बचाव के लिए साफ-सफाई रखें, हाथ धोते रहें और संक्रमित व्यक्ति के कपड़े व तौलिया साझा न करें। गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत के अनुसार टीकाकरण की सलाह लें।
- डॉ. बीके सुमन, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें