राप्ती नदी पर छठ घाट बनाते लोग।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में छठ व्रतियों की सुविधा और किसी खतरे की आशंका को कम करने के लिए नगर निगम राप्ती नदी के अंदर बैरिकेडिंग करेगा। साथ ही नदी के अंदर खतरे के निशान लगवाएगा। पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम के जरिए लोगों को नदी में बैरिकेडिंग के आगे नहीं जाने के लिए सचेत किया जाता रहेगा।
बता दें कि मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं के राप्ती नदी और चिलुआताल के किनारे बने कृत्रिम तालाबों में विसर्जन को संपन्न कराने के बाद अब नगर निगम छठ पूजा की तैयारी में जुट गया है। प्रतिमा के विसर्जन के लिए राप्ती नदी और चिलुआताल तक लाइटिंग के अलावा रास्तों का निर्माण किया जा चुका है।
वहीं आज नदी किनारे घाटों का समतलीकरण किया गया। बैरिकेडिंग लगाने का काम भी पूरा किया जा रहा है। चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि गुरुवार तक घाटों को बेहतर बनाने का काम पूरा हो जाएगा। वहीं शहर के विभिन्न इलाकों में बनाए गए छठ घाटों को भी साफ सुथरा बनाने के अलावा विभिन्न मोहल्लों में बनाए गए छोटे- छोटे तालाबों को भरने का काम जलकल विभाग के द्वारा किया जाएगा।