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जन औषधि केंद्र से खत्म हुई सस्ती दवाएं, मजबूरी में महंगी दवाएं खरीद रहे मरीज

Thu, 28 May 2020 09:25 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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जन औषधि केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन में जन औषधि केंद्रों से 90 फीसदी दवाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को सस्ती दवाएं मिल नहीं पा रही है। जबकि केंद्र संचालकों ने 20 दिन पहले ही दवाओं का ऑर्डर दिया है। लेकिन अब तक दवा मिल नहीं पाई है।
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ऐसे में मरीज जन औषधि केंद्रों से निराश लौट रहे हैं। जन औषधि केंद्रों के लिए सात सौ से अधिक दवाओं को बेचने की स्वीकृति है। जिला व महिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर लगभग पांच सौ दवाएं मौजूद भी रहती है। लेकिन लॉकडाउन में दवाओं का पूरी तरह से टोटा है।

मौजूदा समय में ब्लड प्रेशर, हार्ट, शुगर, किडनी व गैस आदि की दवाएं नहीं हैं। जबकि यह दवाएं बाहर महंगें दामों पर मिलती है। इसके अलावा बच्चों की दवाएं नाम मात्र की बची है। रुस्तमुपर के मनीष ने बताया कि पेट दर्द की दवा लेने जन औषधि केंद्र पर गया, लेकिन नहीं मिली।
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सावित्री ने बताया कि लॉकडाउन से पहले जन औषधि केंद्र से हर महीने शुगर और ब्लड प्रेशर की दवा ले जाती थी। लेकिन लॉकडाउन के बाद से दवा नहीं मिल पा रही है। चार बार आकर लौट चुकी हूं। मजबूरी में बाहर से महंगें दामों पर दवा लेना पड़ा है।

जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र के संचालक वसीउल्लाह खान ने बताया कि जन औषधि केंद्रों पर जेनरिक (मूल दवा के नाम से) दवाएं मिलती हैं जो मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली ब्रांड की दवाओं से 50 से 90 फीसद तक सस्ती रहती है। लेकिन पिछले 20 दिनों से दवाएं खत्म हो चुकी है।

ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी, गैस की दवाएं लगभग खत्म हो चुकी है। बच्चों की कुछ दवाएं हैं, जो एक दो दिनों में खत्म हो जांएगी। 20 दिन पहले ऑर्डर किया गया था। रिमांडर भी भेजा गया है। अब तक दवाएं नहीं मिल सकी है।
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