मंगलवार को पुलिस ने आरोपी इंद्रजीत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि 2018 में उसने ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जो 2019 में आयोजित हुई थी। इसमें वह शामिल हुआ था। ये भर्ती परीक्षा रद कर दी गई थी। इस बार जब भर्ती परीक्षा हुई तो उसने प्रयागराज के नैनी निवासी सॉल्वर से डील तय की। सॉल्वर ने चार लाख रुपये लेकर उसकी जगह परीक्षा दी थी।
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त्रिनेत्र एप की मदद से सॉल्वर की पहचान
एडीसीपी ने बताया कि जिस दिन परीक्षा हुई थी उस दिन का सीसीटीवी फुटेज देखा गया। जिसमें दिखा कि इंद्रजीत की जगह पर परीक्षा देने वाले ने तीन से चार मिनट का वक्त सिर्फ हस्ताक्षर करने में लगाया था। इससे उस पर शक पुख्ता हो गया था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज से मिली उसी तस्वीर को जब त्रिनेत्र एप में डाला गया तो पता चला कि वह पहले भी नैनी में टीईटी परीक्षा में बतौर सॉल्वर शामिल हुआ था। तब स्थानीय पुलिस व एसटीएफ ने उसे जेल भिजवाया था। पुलिस ने अभी उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। एक टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए नैनी रवाना हुई है।