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गोरखपुर: सॉल्वर से वीडीओ भर्ती परीक्षा दिलाने वाला चौरीचौरा का अभ्यर्थी गिरफ्तार, चार लाख रुपये में की थी डील

Wed, 27 Sep 2023 10:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि गोरखपुर के चौरीचौरा निवासी इंद्रजीत पासवान ने ग्राम विकास अधिकारी पद के लिए आवेदन किया था। परीक्षा केंद्र आरडीएसओ रेलवे इंटर कॉलेज था। जून में जब परीक्षा हुई तो उसकी जगह पर सॉल्वर परीक्षा देकर चला गया था। परीक्षा खत्म होने के बाद पता चला कि इंद्रजीत का बायोमैट्रिक डाटा का मिलान परीक्षा देकर गए शख्स से नहीं हो सका है। इसी आधार पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
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पुलिसबल पर हुआ हमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी एसएससी की ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले अभ्यर्थी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने सॉल्वर से चार लाख रुपये की डील की थी। 50 हजार रुपये एडवांस देकर उससे परीक्षा दिलाई थी। पुलिस ने दोपहर बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेजा गया।

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एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि गोरखपुर के चौरीचौरा निवासी इंद्रजीत पासवान ने ग्राम विकास अधिकारी पद के लिए आवेदन किया था। परीक्षा केंद्र आरडीएसओ रेलवे इंटर कॉलेज था। जून में जब परीक्षा हुई तो उसकी जगह पर सॉल्वर परीक्षा देकर चला गया था। परीक्षा खत्म होने के बाद पता चला कि इंद्रजीत का बायोमैट्रिक डाटा का मिलान परीक्षा देकर गए शख्स से नहीं हो सका है। इसी आधार पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने एफआईआर दर्ज कराई थी।

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मंगलवार को पुलिस ने आरोपी इंद्रजीत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि 2018 में उसने ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जो 2019 में आयोजित हुई थी। इसमें वह शामिल हुआ था। ये भर्ती परीक्षा रद कर दी गई थी। इस बार जब भर्ती परीक्षा हुई तो उसने प्रयागराज के नैनी निवासी सॉल्वर से डील तय की। सॉल्वर ने चार लाख रुपये लेकर उसकी जगह परीक्षा दी थी।

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त्रिनेत्र एप की मदद से सॉल्वर की पहचान
एडीसीपी ने बताया कि जिस दिन परीक्षा हुई थी उस दिन का सीसीटीवी फुटेज देखा गया। जिसमें दिखा कि इंद्रजीत की जगह पर परीक्षा देने वाले ने तीन से चार मिनट का वक्त सिर्फ हस्ताक्षर करने में लगाया था। इससे उस पर शक पुख्ता हो गया था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज से मिली उसी तस्वीर को जब त्रिनेत्र एप में डाला गया तो पता चला कि वह पहले भी नैनी में टीईटी परीक्षा में बतौर सॉल्वर शामिल हुआ था। तब स्थानीय पुलिस व एसटीएफ ने उसे जेल भिजवाया था। पुलिस ने अभी उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। एक टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए नैनी रवाना हुई है।
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