समाज कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री कोविड को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए।
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सूबे के समाज कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि सावधानी व सतर्कता कोविड से बचाव के सर्वोत्तम उपाय हैं। उन्होंने टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर जोर देते हुए कहा कि कोविड मरीजों के साथ सहानुभूति व्यवहार किया जाए। उनके इलाज और देखभाल में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रभारी मंत्री ने सोमवार को सर्किट हाउस में कोविड की रोकथाम एवं इलाज आदि की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनपद में कोविड प्रबंधन पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य कर कोविड को नियंत्रित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रशंसा भी की। साथ ही यह भी दोहराया कि निजी अस्पतालों की निगरानी की जाए। इलाज या जांच के नाम पर शासन की तरफ से तय रेट से अधिक फीस लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कांट्रेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाई जाए। कोविड हॉस्पिटल में सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाए ताकि वहां की गतिविधियों की निगरानी की जा सके। मॉस्क की अनिवार्यता सुनिश्चित हो और पब्लिक प्लेस पर भीड़ न हो। पब्लिक एयवरनेस सिस्टम को और प्रभावी किया जाए तथा कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
इस दौरान डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि जिले में कुल 103 टीमें लगाई गई हैं और 1464 निगरानी समितियां गठित हैं जो क्रियाशील हैं। 45 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के 244661 व्यक्तियों का तथा 18-44 वर्ष के 62214 व्यक्तियों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि जून तक जनपद में 5000 बेड व्यवस्थित किया जाना प्रस्तावित है तथा वर्तमान में 2077 बेड हैं। इसमें 500 बेड बीआरडी मेडिकल कॉलेज में है। कोविड से बचाव कार्यों में प्राइवेट अस्पतालों की भी सेवाएं ली जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की गई है।
कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद प्रभारी मंत्री ने कोरोना की रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट में बनाए गए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के काउंटरों पर जाकर जानकारियां लीं। वहां से निकलने के बाद उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय में वैक्सीनेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। इस दौरान डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, सीडीओ इंद्रजीत सिंह, वीसी जीडीए, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।