गोरखपुर में मतदाता सूची के पुनीरक्षण के बाद यदि कोई अब भी मतदाता बनने से रह गया है तो वह 31 जनवरी तक आवेदन कर सकता है। वहीं, अब वोटर लिस्ट से नाम कटवाने या उसे संशोधित करवाने की सुविधा पर विराम लग गया है।
यदि किसी संभावित प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में गलत है तो उसे उसी नाम के साथ नामांकन करना होगा। हालांकि, इससे उसकी प्रत्याशिता पर कोई असर नहीं आएगा, वह जिस नाम से लोगों के बीच जाना जाता है, वह नाम नामांकन के समय लिखकर जिला निर्वाचन कार्यालय को दे सकता है। जो नाम दिया जाएगा, उसे ही इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बैलेट यूनिट में दर्ज किया जाएगा।
दरअसल, जिले में कई ऐसे लोग हैं जिनके नाम प्रपत्रों पर कुछ और होते हैं और वे लोगों के बीच किसी और नाम से पहचाने जाते हैं। मतदाता सूची बनते समय कई लोगों के नाम में गलतियां भी हो गई हैं। ऐसे में ज्यादातर प्रत्याशी यह चाहते हैं कि समाज में जिस नाम से वे पहचाने जाते हैं, वही नाम ईवीएम पर भी अंकित हो।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि नामांकन करते समय प्रत्याशी जो नाम लिखकर देते हैं, उसे ही ईवीएम पर दर्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में यदि किसी का नाम दर्ज नहीं हो सका है तो वह आवेदन देकर नाम जुड़वा सकता है। इसके लिए 31 जनवरी तक का मौका है। आवेदक, तहसील में जाकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन दे सकते हैं। ऐसे में जिन वोटरों के नाम, मतदाता सूची से कट गए थे, वे भी वोटर बन सकेंगे।