आज उद्यमी मंडल अपर आयुक्त से मुलाकात कर रखेंगे अपनी बात
छह साल बाद नोटिस भेजकर परेशान करने की कही बात
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वित्तीय वर्ष 2017-18 के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में अंतर को लेकर उद्यमियों को भेजे जा रहे नोटिस पर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने सवाल उठाए हैं। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने वाणिज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड वन विमल कुमार राय को पत्र लिखकर नोटिस को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी है कि इसे लेकर मंगलवार को उद्यमियों का प्रतिनिधि मंडल अपर आयुक्त से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगा।
भेजे गए पत्र में आरएन सिंह ने बताया है कि आईटीसी को लेकर कई उद्यमियों को नोटिस भेजा जा रहा है, जो नियम के तहत गलत है। बताया कि सभी को यह जानकारी थी कि उस दौरान नई कर प्रणाली जीएसटी लागू होने की प्रक्रिया में थी। उस दौरान प्रशिक्षण के जरिए विभाग के अधिकारी और उद्यमी जानकारी ले रहे थे। उस दौरान विभाग की ओर से उद्यमियों से यह कहा गया था कि पहले नई कर प्रक्रिया में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। इसमें जो भी कमी रहेगी, उसे बाद में दूर किया जाएगा। ऐसे में अब विभाग की ओर से करीब छह साल बाद नोटिस भेजकर पुराने कर, अर्थदंड या ब्याज की मांग करना पूरी तरह से गलत है। इससे उद्यमी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं। यदि किसी करण वश कर बाकी रह गया हो तो उसे जमा करने के लिए उद्यमी पूरी तरह से तैयार हैं। ऐसे में भेजे जा रहे नोटिस को निरस्त किया जाए।
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