- चक्सा हुसैन व साकेतनगर का मामला, पुलिस व पार्षदों के समझाने पर सुलझा विवाद
गोरखपुर। जल निकासी की समस्या को लेकर शुक्रवार को चक्सा हुसैन और साकेतनगर मोहल्ले के लोगों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस, स्थानीय पार्षदों और सेतु निगम के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पाइप डालकर पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई। इससे मामला शांत हो गया।
नगर निगम की ओर से हाल ही में निर्मित नाले के माध्यम से चक्सा हुसैन, मिर्जापुर पचपेड़वा, निमिहवा टोला समेत आसपास की घनी आबादी वाले क्षेत्रों का पानी निकाला जाना है। हालांकि नाले का निर्माण हड़हवा फाटक क्रॉसिंग तक ही होने के कारण पानी साकेतनगर क्षेत्र में एकत्र होने लगा, जिससे कई घर प्रभावित हो गए। बताया गया कि तीन दिन पहले भी जलभराव को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। साकेतनगर के लोगों ने अपने क्षेत्र में पानी भरने का हवाला देते हुए चक्सा हुसैन की ओर से आने वाले नाले को बंद कर दिया था और समाधान की मांग की थी। इसके बाद दिग्विजयनगर वार्ड के पार्षद व पूर्व उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एके सिंह के साथ स्थल का निरीक्षण कर कच्चा नाला खोदने अथवा पाइप डालकर जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की थी। शुक्रवार को जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से चक्सा हुसैन, मिर्जापुर पचपेड़वा और आसपास के क्षेत्रों के लोग बंद किए गए नाले को खोलने पहुंच गए। इसका साकेतनगर के लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ने लगा। सूचना मिलने पर दिग्विजयनगर वार्ड के पार्षद ऋषि मोहन वर्मा, संत झूलेलाल नगर (चक्सा हुसैन) वार्ड के पार्षद नूर मोहम्मद और गोरखनाथ पुलिस मौके पर पहुंची। सभी ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। सहायक अभियंता सत्येंद्र सिंह ने हड़हवा फाटक क्रॉसिंग पहुंचकर कच्चे नाले की खोदाई करवाई और पाइप डालकर पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराई, जिससे दोनों मोहल्लों के लोगों को राहत मिली। सेतु निगम के सहायक अभियंता सत्येंद्र सिंह ने बताया कि नाला खोदकर जल निकासी कराई गई है, मामले को शांत कराया गया है।