पूरी दुनिया में हाहाकार मचाने वाला कोविड-19 (कोरोना वायरस) एक वैश्विक महामारी बन चुका है। जब तक इसकी दवा का आविष्कार नहीं हो जाता है, तब तक सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जागरूकता ही बचाव का एक मात्र रास्ता है।
ऐसे समय में जब लोगों को सामूहिक रूप से प्रशिक्षित करना संभव नहीं है। तब केंद्र सरकार ने दीक्षा एप के प्लेटफार्म पर इंटीग्रेटेड ऑनलाइन ट्रेनिंग माड्यूल बनाया है। जिस पर समाज के हर वर्ग के सदस्य के लिए कोरोना वॉरियर बनाने का कोर्स मौजूद है।
एमपी पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य और एनसीसी अधिकारी मेजर पाटेश्वरी सिंह ने बताया कि अपनी सुविधा के अनुसार कंप्यूटर, मोबाइल पर आईगोट (igot) यानी इंटीग्रेटेड ऑनलाइन ट्रेनिंग में रजिस्ट्रेशन करवाकर कोर्स किया जा सकता है। जांच, चिकित्सा, सुरक्षा जैसे सेवाभावी कोर्स के साथ ही ऐसे कोर्स भी उपलब्ध हैं जो परिवार को और स्वयं को कोरोना से सुरक्षित रखने के तरीके बताएंगे।
केंद्र सरकार इस कोर्स को करने पर सर्टिफिकेट भी देगी। बाकायदा अनुभवी विशेषज्ञों की टीम ने वीडियो और पीडीएफ के माध्यम से कोरोना को दूर भगाने का मूलमंत्र समझाया है। संस्थान में ही पढ़ने वाले एनसीसी कैडेट शशांक शेखर मिश्रा, हर्ष कुमार यादव और शिवम तिवारी ने एनसीसी कैडेट्स को लेकर दिए ट्रेंनिंग मॉडयूल को पूरा किया है।
क्यों पड़ी जरूरत
सरकार को भी इस बात का अंदाजा है कि कोरोना को रातों रात खत्म नहीं किया जा सकता है। धीरे धीरे ही इसे खत्म किया जा सकता है। ऐसे में कुछ समय तक लोगों को कोरोना के बीच रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जीने का तरीका सीखना होगा।
इनके लिए डिजाइन हुआ कोर्स
प्रत्येक सामान्य नागरिक, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी, डॉक्टर्स, नर्स, स्वास्थकर्मी, सफाईकर्मी, टेक्नीशियन, एएनएम, सरकारी और निजी कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारी, कर्मचारी, सिविल डिफेंस वर्कर, पुलिस, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस के स्वयंसेवी, नेहरू युवा केंद्र के सदस्य, रेडक्रास के सदस्य, भारत स्काउट गाइड के सदस्य आदि।
ये कोर्स हैं मौजूद
क्लीनिकल मैनेजमेंट, इन्फेक्शन प्रिवेंशन थ्रो पीपीई, ट्रेनिंग फॉर एनसीसी कैडेट्स,बैसिक ऑफ कोविड-19, मैनेजमेंट कोविड-19, इन्फेक्शन प्रिवेंशन, कंट्रोल, लेबोरेटरी सैंपल कलेक्शन एंड टेस्टिंग, क्वारेंटाइन एंड आइसोलेशन।