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गोरखपुर विश्वविद्यालय: हटाए गए चार महाविद्यालयों के केंद्र अध्यक्ष, जानिए क्या है वजह

Wed, 28 Jul 2021 07:44 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

विशेष पर्यवेक्षकों की निगरानी में होंगी बची परीक्षाएं, गोविवि वार्षिक परीक्षा के दूसरे दिन सुधरी व्यवस्था।
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DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबंध महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षाओं के दूसरे दिन लापरवाही बरतने वाले चार केंद्र अध्यक्षों को हटा दिया गया। उनकी जगह नई तैनाती कर दी गई है। इन महाविद्यालयों की बाकी बची परीक्षाएं अब विश्वविद्यालय स्तर से भेजे जाने वाले विशेष पर्यवेक्षकों की निगरानी में होंगी। वहीं, सचल दस्ते की भी शिकायत मिली है। अब सचल दस्ते को भी पूरे दिन की रिपोर्ट करनी होगी।

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विश्वविद्यालय द्वारा पहले दिन की परीक्षा में लापरवाही बरतने वाले महाविद्यालयों को चेतावनी जारी करने के बाद से दूसरे दिन बुधवार को केंद्राध्यक्षों के रवैया में सुधार आया। दोनों पालियों की परीक्षाओं में केंद्राध्यक्षों ने सेट्रल ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल में फोन कर तकनीकी व्यवधान को दूर कराया।

पहली पाली में परीक्षा प्रक्रिया के मानकों एवं परीक्षा की शुचिता का उल्लंघन करने पर राजा देवी महिला महाविद्यालय, सल्लहपुर भटनी, देवरिया, बहादुर यादव महिला महाविद्यालय, नगर पंचायत भटनी, वीएनबीपी डिग्री कॉलेज महाराजगंज, राम गिरीश राय महाविद्यालय दुबौली के केंद्राध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। कुलपति कार्यालय में बने वार्षिक परीक्षा शिकायत प्रकोष्ठ को शिकायत मिली है कि कुछ सचल दल अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
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ऐसे में कुलपति के निर्देश पर प्रो अजय सिंह को कुलपति कार्यालय में गठित शिकायत प्रकोष्ठ का समन्वयक बनाया गया है। समन्वयक के द्वारा नियमित पर्यवेक्षकों और सचल दल की ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही पूरे दिन की रिपोर्ट को एकत्र कर कुलपति को अवगत कराया जाएगा।

परीक्षा केंद्र पर उपस्थित रहें जिम्मेदार
वार्षिक परीक्षाओं में कार्यरत शिक्षक, केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष एवं कर्मचारियों को परीक्षा कार्य के लिए परीक्षा केंद्र पर समय से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय परीक्षा के दृष्टिगत सभी संकाय, विभागों, समस्त महाविद्यालयीय परीक्षा केंद्रों के शिक्षकगण एवं शिक्षेणत्तर कर्मचारियों को परीक्षावधि में किसी प्रकार का अवकाश नहीं दिया जाएगा। यदि किसी शिक्षक कर्मचारी को अवकाश लेना हो तो कुलपति या केंद्राध्यक्ष से स्वीकृति लेना आवश्यक होगा।

47643 ने दी परीक्षा
विश्वविद्यालय के परीक्षा के दूसरे दिन 198 केंद्रों पर 47643 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। 98 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। किसी भी केंद्र पर नकल की सूचना नहीं मिली है।

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