पुलिस ने मामले को लेकर नाराजगी जताई और क्रेन को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की नई परंपरा की अनुमति नहीं दी गई थी।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि शांति कमेटी की बैठक में पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि जुलूस के दौरान नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह जानकारी जुटाई जा रही है कि क्रेन और तलवार की व्यवस्था किसने कराई थी।