केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से संचालित स्कूलों में डमी दाखिला से लेकर, दिल्ली और कोटा में जाकर कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा। नए सत्र में विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी अब हर महीने बोर्ड की ओर से की जाएगी। इसे लेकर बोर्ड एंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) तैयार कर रहा है।
नई व्यवस्था के तहत बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। इसके जरिए स्कूल प्रबंधन को हर महीने बच्चे की हाजिरी की रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। इससे बोर्ड जब भी चाहे किसी भी विद्यार्थी की उपस्थिति का ब्योरा देख सकेगा। 75 फीसदी हाजिरी की अनिवार्यता को पूरा नहीं करने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड से एडमिट कार्ड जारी नहीं होगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत हाजिरी की रिपोर्ट बोर्ड परीक्षाओं से पूर्व, स्कूल प्रबंधन की ओर से सीबीएसई को मुहैया कराई जाती है।
नए सत्र से अब बोर्ड अपने स्तर से सेंट्रली ईआरपी सिस्टम तैयार कर उससे सभी स्कूलों को जोड़ेगा। स्कूल इसमें समय-समय पर डेटा अपलोड करेंगे और हेड ऑफिस के पास इसका कंट्रोल पैनल होगा। ऐसे में स्कूल से डाटा मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जिले में 117 स्कूल हैं जहां प्रत्येक वर्ष 20 हजार विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि बोर्ड से संचालित स्कूलों में प्रवेश लेकर दूसरे राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाने वाले विद्यार्थियों की शिकायत बोर्ड को लगातार मिल रही है। इसके बाद से बोर्ड ने उपस्थिति की निगरानी के लिए एक तंत्र विकसित करने का फैसला लिया है। नए सत्र से यह व्यवस्था लागू होगी।