केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से दसवीं का नंबर वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए ई परीक्षा पोर्टल पर मौजूद लिंक को एक्टिवेट कर दिया गया है। 15 जून तक स्कूल, रिजल्ट को अपलोड कर सकेंगे। बोर्ड ने विद्यार्थियों को नंबर देने के लिए यूनिट टेस्ट, प्री बोर्ड और अर्द्धवार्षिक परीक्षा को आधार बनाने का निर्देश दिया है। अगर कोई विद्यार्थी कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षा नहीं दे सका है और वह परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में देने में असमर्थ है तो उसका रिजल्ट नौंवी की वार्षिक के परीक्षा के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस संबंध में बोर्ड का आदेश गोरखपुर जिले के 117 स्कूलों में पहुंचा है।
आदेश के मुताबिक विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए स्कूल प्रबंधन को पिछले तीन साल के सबसे बेस्ट रिजल्ट को आधार बनाने की छूट दी गई है। यानी कोविड काल में भी टॉपर स्कूल के विद्यार्थी हर वर्ष की भांति इस बार भी टॉप करेंगे। बोर्ड की पहल से स्कूल के असल टॉपर को लाभ मिलेगा। जो हर गुजरते वर्ष के साथ विभिन्न कक्षाओं में टॉप स्थान हासिल करते हैं, मगर बोर्ड परीक्षा में टॉप करने से चूक जाते हैं। सबसे ज्यादा नुकसान ऐसे बच्चों का होगा, जो कोचिंग की वजह से डमी फॉर्म भराने वाले स्कूलों में प्रवेश लेते हैं।
कंपार्टमेंटल परीक्षा दे सकेंगे बोर्ड के छात्र सीबीएसई के 10वीं का रिजल्ट प्री बोर्ड परीक्षा और स्कूल असेसमेंट के आधार पर तय किया जाएगा। जो छात्र स्कूल असेसमेंट में पास नहीं हो पाएंगे, उनके लिए स्कूल स्तर पर कंपार्टमेंटल परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए बोर्ड स्कूलों को सैंपल पेपर भेजेगा। उसी के आधार पर स्कूल अपने स्तर से प्रश्नपत्र तैयार करेंगे और फिर छात्रों की कंपार्टमेंटल परीक्षा ली जाएगी।