हंगामा करते अधिवक्ता व हादसे के वक्त घायल को सुरक्षित करते लोग
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राजघाट बैकुंठ धाम में चबूतरे की छत गिरने से घायल अधिवक्ता आलोक अस्थाना की मौत के बाद नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी शालिनी अस्थाना ने सदर अस्पताल के सीएमओ और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
शालिनी अस्थाना पत्नी आलोक कुमार अस्थाना, निवासी राप्तीनगर फेज-4, थाना चिलुआताल ने बताया कि उनके पति 6 सितंबर को साथी अधिवक्ता संजय सिंह के साथ दाह संस्कार में राजघाट गए थे। चबूतरे पर बैठे थे, तभी छज्जा गिर गया और दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोप है कि सदर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया। सीएमओ ने कहा कि 'यहां रोज 10 लोग मरते हैं, एक और मर जाएगा तो क्या हो जाएगा।' एक घंटे तक एंबुलेंस भी नहीं मिली। पत्नी ने तहरीर में कहा है कि जानबूझकर इलाज न करने से उनके पति की मौत हुई है।
पत्नी की तहरीर पर कोतवाली थाने में सीएमओ और अस्पताल के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होने के बाद नाराज अधिवक्ताओं ने घेराव खत्म किया। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। उधर, मौके पर पहुंचे एसडीएम ने परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ मुख्यमंत्री रहत कोस से राहत दिलाने का आश्वासन भी दिया।