घूस मांगने के आरोप में बाल संरक्षण अधिकारी पर केस दर्ज
संतकबीरनगर : सीएम बाल सेवा योजना का मामला, डीएम को शिकायतकर्ता ने सुनाई पीड़ा
- कोरोना पीड़ित पिता की मौत के बाद बच्चों से रिश्वत मांगने की हुई थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोरोना से पिता की मौत के बाद बच्चों को सीएम बाल सेवा योजना का लाभ देने के लिए रिश्वत मांगने वाले बाल संरक्षण अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने डीएम के निर्देश के बाद कोतवाली में तहरीर दी है।
सोमवार को डीएम अपने कार्यालय में फरियादियों की समस्या सुन रहे थे। उसी दौरान मेंहदावल क्षेत्र का रहने वाले एक युवक ने डीएम को बताया कि उसके पिता की 2021 में कोरोना से मौत हो गई थी। मां की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। 14 वर्षीय बहन और एक छोटा भाई है। वह खुद मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करता है।
उसने सीएम बाल सेवा योजना के तहत बहन व भाई को लाभ दिलाने के लिए आवेदन किया था। मार्च 2022 में भाई-बहन को 24,000 रुपये मिले। जबकि पीएम केयर्स फंड से भी छह लाख रुपये की एफडी मिली थी। अप्रैल से उसके भाई व बहन को योजना की रकम नहीं मिली है। उसी के संबंध में उसने बाल संरक्षण अधिकारी महेश गुप्ता से फोन पर बात की तो रिश्वत मांगी गई। रकम न देने पर योजना से वंचित करने की धमकी दी गई। उसने 1500 रुपये महेश गुप्ता को दे दिए। बाल संरक्षण अधिकारी से हुई बातचीत की रिकार्डिंग मोबाइल फोन में है।
कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उधर बाल संरक्षण अधिकारी महेश गुप्ता ने रिश्वत मांगने के मामले को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा मामला साफ हो जाएगा।
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कोट
यह मामला बेहद गंभीर है। सरकारी योजना में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में आरोपी बाल संरक्षण अधिकारी महेश गुप्ता पर भ्रष्टाचार का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया है।
-प्रेम रंजन सिंह, डीएम