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Gorakhpur: सरकारी नौकरी के लालच में गंवा दिए 32 लाख, केस दर्ज

Thu, 18 Aug 2022 11:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एक पीड़ित की तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने बेतियाहाता की अनुपमा सिंह और प्रयागराज के खीरी के कल्याणपुर निवासी अरविंद कुमार यादव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock
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विस्तार
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सरकारी नौकरी पाने के लालच में चार लोगों ने 32 लाख रुपये गंवा दिए। एक पीड़ित की तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने बेतियाहाता की अनुपमा सिंह और प्रयागराज के खीरी के कल्याणपुर निवासी अरविंद कुमार यादव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

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जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी सुरेंद्र सिंह ने तहरीर देकर बताया कि चार लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर दोनों आरोपियों ने 2018 में 32 लाख रुपये लिए थे। कई बार में रुपये देने के बाद ये दोनों नौकरी दिलाने का झांसा देने लगे और बाद में रुपये मांगने पर धमकी देने लगे। पीड़ित ने पहले चौरीचौरा थाने में तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो एसएसपी से मुलाकात की। एसएसपी के आदेश पर बुधवार को पुलिस ने नामजद केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

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ठेका दिलाने के नाम पर 90 हजार वसूले, गिरफ्तार
गोरखनाथ मंदिर में टहलने के दौरान मुलाकात के बाद जालसाज ने ठेका दिलाने के नाम पर 90 हजार रुपये की जालसाजी कर ली। इतना ही नहीं, रुपये मांगने पर उसने जान से मारने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये और मांगे। पीड़ित ने घटना की शिकायत पुलिस से की। गोरखनाथ पुलिस ने भय दिखाकर वसूली करने और अमानत में खयानत की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी अजीत मिश्रा को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी अजीत गोरखनाथ इलाके में किराये के मकान रहता है और मूल रूप से महराजगंज का निवासी है। पीड़ित तारामंडल निवासी मनीष सिंह ने दी तहरीर में लिखा है कि वह नगर पंचायत बांसगांव के मूल निवासी हैं। आठ महीने पहले गोरखनाथ मंदिर में उनकी मुलाकात महराजगंज के अजीत मिश्रा से हुई थी। मंदिर में मुलाकात के दौरान बातचीत औपचारिक होने लगी।

इस दौरान उसने पूछा था कि आप क्या करते हैं, इस पर सरकारी ठेकेदारी की बात बताई थी। आरोपी ने सरकार में पकड़ होने का हवाला देते हुए लखनऊ में बुलाया। लखनऊ में एक विधायक आवास पर बुलाने के बाद पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से मुलाकात कराई और कार्य दिलाने के नाम पर 90 हजार रुपये की मांग की। तीन बाद में मनीष ने 90 हजार रुपये दे दिए और उसके बाद भी काम नहीं मिला।

काम नहीं मिलने पर रुपये वापस मांगने लगे तो एक रुपये और की मांग की गई। न देने पर हत्या की भी धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर गोरखनाथ दुर्गेश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
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