उनका कहना है कि फोरलेन के लिए भूमि क्रय करने के लिए अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की ओर से गठित टीम में उनके अलावा प्रसाद मुकेश काशी, आशीष तिवारी, सत्येंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अजीत प्रसाद, अखिल कसौधन द्वारा मकानों के सीमांकन का कार्य किया जा रहा था।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में कई घटनाएं आईं सामने: अपरिचित रोके या पांव छूए तो रहे सजग, हो सकते हैं लुटेरे
अवर अभियंता उमाशंकर गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य भीमनाथ गुप्ता ने कहा कि अवर अभियंताओं की टीम व किसानों के बीच हाल में भटहट के करतहिया टोला में बैठक हुई थी। दोनों पक्ष में तय हुआ था कि सड़क से 13 मीटर तक अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन अब साढ़े 13 मीटर चिह्नित किया जा रहा है। इसी बात पर नोकझोंक हुई थी।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया है। घटना की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।