बीटेक प्रवेश के दौरान काउंसिलिंग के समय शिक्षक-कर्मचारियों की ड्यूटी चार्ट से ही पर्दाफाश होगा। हालांकि, विवि प्रशासन ने ड्यूटी चार्ट को सील करा दिया है। फर्जी प्रवेश वाले छात्रों के दस्तावेज सत्यापन किसने किए हैं, रिपोर्ट किसने लगाई है, यह सब जांच में देखा जाएगा।
छात्रों का शुल्क भी जमा नहीं
प्रवेश के दौरान छात्रों ने शुल्क भी जमा नहीं किया। शुल्क की फर्जी रसीद ही उन्होंने जमा कर दी। अब सवाल यह है कि सब कुछ ऑनलाइन हो रहा था तो शुल्क जमा करने का ब्यौरा ऑनलाइन कैसे दिखाया गया? बिना नोड्यूज के अगले सत्र में प्रवेश कैसे व किसके आदेश से दिया गया? इन सवालों के जवाब भी विवि प्रशासन को तलाश करने हैं।