कैंट इलाके में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजों ने छह साल में रुपये दोगुना करने का झांसा देकर करीब 200 लोगों से निवेश करवा लिए। इसके बाद समय पूरा होने पर कार्यालय बंद कर भाग गए। पीड़ित की तहरीर पर कैंट पुलिस ने टाइम सिटी इनफ्रास्ट्रक्चर एंड हाउसिंग लिमिटेड के चेयरमैन दीपचंद शुक्ला समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गीडा थाना क्षेत्र के पेवनपुर गांव निवासी राममिलन मौर्य ने तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2010 से आरोपी टाइम सिटी इनफ्रास्ट्रक्चर एंड हाउसिंग लिमिटेड, रुपेश महेश्वरी एंड कंपनी, मिवान इंडस्ट्रीज आदि कंपनियां बनाकर प्लॉट/भू-खंड विक्रय व अन्य डिपाॅजिट स्कीमों में निवेशकों से रुपये जमा कराने का कार्य करते थे।
इन कंपनियों का मुख्यालय द्वितीय तल जानकीपुरम, लखनऊ में स्थित था। गोरखपुर में इसकी शाखा कबाड़ी मार्केट कालेपुर निकट छात्रसंघ चौराहा में थी। इसका संचालन निदेशक गुलाब चंद्र मौर्य कर रहा था। कंपनी भू-खंड/प्लॉट के क्रय-विक्रय के अलावा फिक्स डिपॉजिट, रेकरिंग डिपॉजिट और डेली डिपॉजिट जैसी स्कीमों पर काम कर रही थी। कंपनी सोसाइटी का संचालन चेयरमैन चंद्र प्रकाश शुक्ला मुख्य रूप से कर रहा था।
मामले में चेयरमैन लखनऊ के इंदिरानगर निवासी दीपचंद शुक्ला, चंद्रप्रकाश शुक्ला, निदेशक गोरखपुर निवासी गुलाब चंद्र मौर्या, तृप्ती तिवारी, अरविंद कुमार पांडेय, गुलाम मुर्तुजा, संतोष कुमार अग्रहरि, गौरव कन्नौजिया, जितेंद्र कुमार तिवारी, विनय, सत्यवती, मिथिलेश, रमेश चंद्र यादव, बृजेश शुक्ला व अज्ञात के खिलाफ पर धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि कंपनी से जुड़े लोगों पर बाराबंकी और लखनऊ में पहले से ही धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।