पुलिस ने पहले ही चेताया था फिर भी नहीं माने तो हुई कार्रवाई
बरगदवां चौकी इंचार्ज की तहरीर पर दर्ज किया केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पुलिस की चेतावनी के बाद भी मूर्ति विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वाले पांच संचालकों पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को केस दर्ज कर लिया। वहीं, मूर्ति विसर्जन के दौरान ही डीजे लदे वाहन को थाने में रोक लिया गया। इसबीच लोगों ने पुलिस पर अभद्रता व बदसलूकी के आरोप लगाए, लेकिन जांच में आरोप गलत साबित हुए।
चौकी इंचार्ज वीरेंद्र की तहरीर के अनुसार 25 अक्तूबर को मूर्ति विसर्जन के दौरान आरक्षी धीरेंद्र यादव, उपेंद्र व अन्य के साथ मूर्ति विसर्जन कराने के लिए महेसरा पुल पर तैनात थे। तभी गोरखनाथ क्षेत्र के पचपेड़वा के सोनू डीजे और रूपेश सोनकर डीजे, मोहरीपुर के आरके साहू डीजे और विक्की डीजे, तिवारीपुर क्षेत्र के किशन डीजे के संचालक अपने वाहन पर अत्यधिक तेज आवाज से डीजे बजाते हुए विसर्जन के लिए आ रहे थे। तेज आवाज का मानव जीवन पर गंभीर असर और उच्च न्यायालय के निर्देश की अनदेखी पर इन्हें रोक लिया गया।
तहरीर पर पुलिस ने पांच मामलों में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने चेताया था, नहीं माने तो होगी कार्रवाई
प्रतिमा स्थापना के समय ही पुलिस ने सभी संचालकों के साथ बैठक कर हाईकोर्ट के निर्देश और मानक से सभी को अवगत कराया था। इस दौरान पुलिस ने अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। जाएगी। कई जगहों पर इसका असर भी दिखा। सूत्रों के अनुसार विसर्जन के बाद पुलिस कुछ और लोगों पर केस दर्ज कर सकती है।
कोट
हाईकोर्ट के आदेश के बारे में सभी डीजे संचालकों को बैठक कर जानकारी दी गई थी। चिलुआताल इलाके में पांच संचालकों ने मानक के विपरीत डीजे साउंड लगाया, जिनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज अवस्थी, एसपी (नार्थ)