देवरिया से लखनऊ के लिए चली अवध डिपो की बस पर चौरीचौरा इलाके में कार सवार मनबढ़ों ने ताबड़तोड़ ईंटें फेंकीं। शीशा तोड़ते हुए ईंट अंदर जाने से दो लोग घायल हो गए। बस पर अचानक ईंट-पत्थर चलने से चीख पुकार मच गई। यात्रियों ने चालक को बस नहीं रोकने दी और चालक भी बचते हुए बस लेकर भागा।
आरोपित पीछा करते हुए गोरखपुर शहर तक आ गए लेेकिन बस चालक ने साइड नहीं दिया तो वे रुक गए। बस में सवार देवरिया के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निशांत दीक्षित ने घटना की सूचना रात में ही एसएसपी को दी, जिसके बाद कैंट पुलिस ने तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना चौरीचौरा को स्थानांतरित कर दी है।
मामले में देवरिया के बरहज निवासी व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने तहरीर दी है। उनके मुताबिक देवरिया से यात्री सवार होकर लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। रात में ग्यारह बजे के करीब चौरीचौरा में बस जाम में फंसी थी। जाम खुलते ही पीछे से कार सवार आ गए और बस को रोकने की कोशिश करने लगे। उनकी नीयत लूट की थी या फिर किसी को मारने की यह तो नहीं पता लेकिन सन्नाटा होते ही वह ताबड़तोड़ ईंटें चलाने लगे। बस का शीशा टूट गया और अंदर बैठा देवरिया का युवक घायल हो गया।
इस घटना के बाद बस में चीख पुकार मच गई और सभी लोग सीट के नीचे छिपने लगे। आरोप है कि गोरखपुर शहर की सीमा तक आरोपित आए थे फिर बस चालक ने साइड नहीं दिया तो वहां रुक गए। बस चालक उन्नाव निवासी अवध बिहारी ने गोरखपुर पहुंचने के बाद विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी और रेलवे चौकी पर जाकर जानकारी दी। उधर, एसएसपी के आदेश के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी लेकिन कोई नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपित पकड़ लिए जाएंगे।