फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षक बनने के आरोप में गिरफ्तार होकर चंद दिन पहले जेल भेजे गए व्यक्ति से काम नहीं कराने के लिए एक बंदी रक्षक ने उसके भाई को 3500 रुपये सुविधा शुल्क मांग लिए। सुविधा शुल्क नहीं पहुंचाने पर बंदी को कमान यानी जेल में काम पर लगा दिए जाने की नसीहत दी। जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
मूलरूप से देवरिया जिले के एक युवक को फर्जी दस्तावेज पर शिक्षक बनने के आरोप में गिरफ्तार कर चंद दिन पहले ही जेल भेजा गया है। फर्जी शिक्षक को फिलहाल क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। शिक्षक के भाई का आरोप है कि दो दिन पहले उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जिला कारागार काबंदी रक्षक बताया और कहा कि आपके भाई का बैठकी यानी 3500 रुपये सुविधा शुल्क अभी तक नहीं पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि सुविधा शुल्क वह खुद जेल के दरवाजे पर मौजूद एक बंदी रक्षक को देकर आए थे। इस पर कॉल करने वाले ने कहा कि उसने सब से पता कर लिया है, सुविधा शुल्क नहीं मिला है। यदि बैठकी नहीं जमा कराई तो आपके भाई को कमान पर भेज कर काम कराया जाएगा।