गोरखपुर विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 में प्रवेश के लिए ऑटो पोर्ट फॉर्म का विकल्प दिया गया था। इससे अभ्यर्थी एक ही फॉर्म से कई विषयों के लिए आवेदन कर सकते थे। यह सुविधा अभ्यर्थियों को काफी पसंद आई है।
पहली बार शुरू हुई इस सुविधा का 1439 अभ्यर्थियों ने लाभ उठाया है। इनमें स्नातक में 1009 और परास्नातक में 430 अभ्यर्थी शामिल हैं। नई शिक्षा नीति में प्रावधान है कि बीएससी-बीकॉम उत्तीर्ण अभ्यर्थी अब अपनी सुविधानुसार एमए के किसी भी विषय में प्रवेश ले सकते हैं। पहले यह शर्त थी कि स्नातक के अंतिम वर्ष में जो दो विषय पढ़े होंगे, उन्हीं में से किसी एक का चयन करना होगा। यह बदलाव होने की वजह से साइंस के अभ्यर्थियों ने एमए में अपना रुझान दिखाया है।
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष सिन्हा ने बताया कि ऑटो पोर्ट फॉर्म की वजह से अभ्यर्थियों को अलग-अलग विषयों के लिए बार-बार फॉर्म नहीं भरना पड़ा। उन्हें केवल अलग-अलग विषय चयन कर शुल्क जमा कर देना था।
दूसरे राज्यों से 2208 आवेदन
गोरखपुर विश्वविद्यालय में इस साल प्रवेश के लिए दूसरे प्रदेशों से भी आवेदन आए हैं। 24 प्रदेशों से कुल 2208 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसमें स्नातक के लिए 1232, परास्नातक 448, पीएचडी के लिए 404, एमएड के लिए 17 और बीपीएड के लिए सात आवेदन आए हैं।
अभ्यर्थियों को एक ही आवेदन से कई विषय चुनने का विकल्प इस बार दिया गया था। जिसे उन्होंने खूब पसंद किया। इस बार अन्य प्रदेशों से आए आवेदनों की संख्या काफी अधिक है।
- प्रो. पूनम टंडन,
कुलपति