यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान मऊ, बलिया और कुशीनगर जिले में व्हाट्सएप पर वायरल हुए प्रश्नपत्र की घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। डीआईओएस ने सभी केंद्राध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रश्नपत्र खुलने से पहले आंतरिक सचल दल, कक्ष पर्यवेक्षक से लेकर केंद्र पर मौजूद सभी लोगों के मोबाइल बंद कराकरजमा करवा लिया जाए।
परीक्षा केंद्र में केवल केंद्राध्यक्ष का मोबाइल ही चालू रहेगा ताकि किसी तरह की समस्या आने पर उनसे संपर्क स्थापित किया जा सके। परीक्षा में लगे किसी दूसरे शख्स का फोन चालू मिला तो उनपर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रश्नपत्र वायरल होने की कोई घटना गोरखपुर से जुड़ी नहीं है, मगर पड़ोस के कुशीनगर में ऐसा होने की वजह से जिला प्रशासन सतर्क है। सोमवार को इंटर की केमिस्ट्री और 25 को हाईस्कूल गणित की दो बड़ी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसमें कोई चूक न हो, इसे लेकर सभी केंद्राध्यक्षों को अलर्ट किया गया है।
कंट्रोल रूम में चार और ऑपरेटर तैनात
यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकलचियों पर लगाम कसने के लिए पहली बार सभी केंद्रों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है। जुबिली इंटर कॉलेज कंट्रोल रूम में 10 कंप्यूटर पर 10 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पेपर वायरल होने की घटनाओं के बाद से कंट्रोल रूम में चार और कर्मचारियों के साथ सुपरवाइजर के रूप में अभिषेक यादव और अंबिकेश्वर सिंह को लगाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग से भी शिक्षकों की मांग की गई है।
कठिन विषयों के पेपर बने चुनौती
18 फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा में जिस दिन कठिन विषयों की परीक्षाएं हुई हैं, उस दिन ही पेपर के वायरल होने के मामले सामने आए हैं। सबसे पहले इंटर की भौतिकी के पेपर के दिन बड़ी लापरवाही सामने आई। कुशीनगर, मऊ और बलिया में पेपर सोशल मीडिया पर तैरने लगा। इसी तरह हाईस्कूल के अंग्रेजी की परीक्षा के दिन बलिया में लापरवाही सामने आई।
छह जीबी डाटा का रिचार्ज करने का निर्देश
अंग्रेजी की परीक्षा में कंट्रोल रूम से मॉनीटरिंग के दौरान कई केंद्रों का डाटा खत्म होने की वजह से निगरानी में रह रह कर समस्या आ रही थी। इससे सबक लेकर डीआईओएस ने सभी केंद्राध्यक्षों को अपने-अपने यहां छह से सात जीबी तक के डाटा का रिचार्ज कराने का निर्देश दिया है, ताकि सभी की निगरानी कंट्रोल रूम से की जा सके।
डीआईओएस ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया- प्रश्न पत्र वायरल होने की घटनाओं को लेकर केंद्राध्यक्षों को पेपर खोलने से पहले परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जमा कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं कंट्रोल रूप पर चार और कर्मचारी ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए लगाए गए हैं। अब कर्मचारियों की संख्या 14 कर दी गई है।