उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित बोर्ड परीक्षाएं शुक्रवार को संपन्न हो गईं। 15 दिनों तक चली परीक्षा के दौरान देवरिया में सामूहिक नकल और कुशीनगर में व्हाटस एप पर प्रश्नपत्र वायरल होने की अफवाहें सामने आईं। कुल 57 नकलची पकड़े गए, सभी को रस्टीकेट कर दिया गया। इन छुटपुट मामलों को छोड़ दें तो परीक्षाएं सकुशल संपन्न हुईं।
गोरखपुर में परीक्षा के लिए 197 केंद्र बनाए गए थे। जिसमें 147509 विद्यार्थियों का पंजीकरण था। पिपरौली ब्लॉक के एक इंटर कॉलेज में हिंदी के गलत प्रश्न पत्र को बांटे जाने के मामले को छोड़ दें तो किसी भी केंद्र पर गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली।
शुचितापूर्ण परीक्षाओं के आयोजन में जुबली इंटर कॉलेज में बने लाइव मॉनिटरिंग केंद्र की भी अहम भूमिका रही। शायद यही वजह रही कि नकलचियों की संख्या पिछले साल के मुताबिक आधे से भी कम हो गई। अब विभाग का पूरा ध्यान होली के बाद शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य पर है। बोर्ड ने 14 मार्च से मूल्यांकन शुरू कराने का एलान किया है।
नकल के मामले में देवरिया अव्वल
देवरिया में सर्वाधिक 28 छात्र अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़े गए। दूसरे नंबर पर कुशीनगर और गोरखपुर में 12-12 नकलची पकड़े गए। महाराजगंज में सबसे कम 5 छात्र नकल करते पकड़े गए।