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गोविवि परीक्षा: दो वर्ष का अनुभव है तो भी बनेंगे केंद्र व्यवस्थापक, नियम में हुआ ये खास बदलाव

Fri, 14 Feb 2020 09:04 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों की 25 फरवरी से होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए केंद्र व्यवस्थापकों पर मंथन शुरू हो गया है। 17 फरवरी तक सूची तैयार कर ली जाएगी। खास बात यह है कि इस बार दो वर्ष का शैक्षणिक अनुभव रखने वाले शिक्षकों को भी केंद्र व्यवस्थापक बनाया जाएगा, जबकि पूर्व में पांच वर्ष का अनुभव जरूरी था।
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परीक्षा के लिए 263 महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन महाविद्यालयों से एक-एक शिक्षक का नाम मांगा गया है। इसके अलावा 43 शिक्षकों ने खुद केंद्र व्यवस्थापक बनाने के लिए आवेदन किया है। इनके नामों पर भी विचार हो रहा है। परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अगर किसी केंद्र व्यवस्थापक की तबियत खराब होती है तो विकल्प के तौर पर उसी महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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दो महाविद्यालय हैं डिबार

सामूहिक नकल के आरोप में गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने देवरिया के बहादुर यादव पीजी कॉलेज, भटनी और राम गुलाम राय पीजी कॉलेज सल्लहपुर भटनी को डिबार किया है। दोनों महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं आसपास के दूसरे केंद्रों पर कराई जाएगी।

16 स्थानों पर बनेंगे संकलन केंद्र
परीक्षा के बाद कॉपियों को एकत्र करने के लिए गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में 16 नोडल संकलन केंद्र बनाए जाएंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय में मुुख्य संकलन केंद्र बनेगा। जहां दो से तीन दिन में कॉपियों को पहुंचाना होगा।

छह उड़ाका दल बनाने की तैयारी
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की निगरानी के लिए छह उड़ाका दल बनाने की तैयारी है। दो उड़ाका दल में गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक रखे जाएंगे और बाकी दलों में महाविद्यालयों के शिक्षक होंगे। सभी का क्षेत्र निर्धारित किया जाएगा। इसमें से एक मुख्य उड़ाका दल होगा, जो सभी जगहों पर जा सकेगा।
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