गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों की 25 फरवरी से होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए केंद्र व्यवस्थापकों पर मंथन शुरू हो गया है। 17 फरवरी तक सूची तैयार कर ली जाएगी। खास बात यह है कि इस बार दो वर्ष का शैक्षणिक अनुभव रखने वाले शिक्षकों को भी केंद्र व्यवस्थापक बनाया जाएगा, जबकि पूर्व में पांच वर्ष का अनुभव जरूरी था।
परीक्षा के लिए 263 महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन महाविद्यालयों से एक-एक शिक्षक का नाम मांगा गया है। इसके अलावा 43 शिक्षकों ने खुद केंद्र व्यवस्थापक बनाने के लिए आवेदन किया है। इनके नामों पर भी विचार हो रहा है। परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अगर किसी केंद्र व्यवस्थापक की तबियत खराब होती है तो विकल्प के तौर पर उसी महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।