लॉकडाउन के दौरान कॉपी और किताबों के अभाव में अब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्हें घर पर ही कक्षा की सभी किताबें और कॉपियां मुहैया कराई जाएंगी। स्कूल संचालक और किताबों के सप्लायर की मदद से किताबों की होम डिलीवरी होगी। कोई अतिरिक्त शुल्क अभिभावकों को नहीं चुकाना होगा। स्कूल एसोसिएशन और जिला प्रशासन की बैठक में इस निर्णय पर सहमति बनी है।
अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से सभी अभिभावकों को एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए किताबों की सूचना भेजी जाएगी। किताबों का ऑर्डर मिलने पर इसकी सूचना सप्लायर तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद किताबों की डिलीवरी सप्लायर की ओर से की जाएगी।
मंत्री हेमंत मिश्रा ने बताया कि व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन से सप्लायर के साथ-साथ सभी स्कूल के दो-दो कर्मचारियों को पास देने का प्रस्ताव भी रखा है। डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने सभी स्कूल संचालकों को अपने-अपने शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया।