लॉकडाउन की अवधि तक स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों से किसी प्रकार का वाहन शुल्क नहीं वसूला जाएगा। शुल्क की डिमांड करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर प्रमुख सचिव का आदेश गोरखपुर भी पहुंच गया है।
लॉकडाउन के दौरान शासन ने स्कूल प्रबंधन को अप्रैल, मई और जून में फीस के लिए अभिभावकों पर किसी प्रकार का दबाव बनाने से मना किया है। शुल्क जमा नहीं कराए जाने के कारण किसी विद्यार्थी का नाम विद्यालय से न काटे जाने का स्पष्ट निर्देश भी है। इसके बाद भी शासन को शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
इसके बाद शासन ने यह आदेश जारी किया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जिन विद्यालयों ने मार्च में ही एडमिशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया, उनकी तरफ से लिए गए वाहन शुल्क का क्या होगा? उसे स्कूल प्रबंधन को वापस करना होगा या स्कूल की फीस में ही समायोजित करेंगे?