गोरखपुर विश्वविद्यालय में कैंटीन की मरम्मत के नाम पर पांच लाख रुपये के गबन की शिकायत छात्रनेता शिवशंकर गोंड ने कुलपति और कुलसचिव से की है। शिकायत में कहा गया है कि प्रशासनिक भवन में कैंटीन के नाम पर पांच लाख रुपये खर्च कर दिए गए हैं जबकि प्रशासनिक भवन में कोई कैंटीन ही नहीं हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
छात्रनेता का कहना है कि 10 महीने पूर्व प्रशासनिक भवन में कैंटीन की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपये, कंप्यूटर साइंस में नए प्रयोगशाला के लिए 17 लाख रुपये और कला संकाय व गृह विज्ञान विभाग के सामने कैंपस को विकसित करने के नाम पर 25 लाख रुपये मांग की गई। तत्कालीन वित्त अधिकारी ने कुलपति के सामने 16 जून 2019 को मंजूरी के लिए पत्र भेजा। इस कार्य को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के बजट से कराने का फैसला लिया गया। कार्यदायी संस्था के रुप में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को चुना गया। आरोप है कि काम शुरू करने के नाम पर प्रशासन ने अक्तूबर में 75 फीसदी रकम एडवांस में भुगतान कर दिया।
शिकायत पर कुलसचिव ने वित्त अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। उधर, शिकायत करने वाले छात्रनेता का कहना है कि बुधवार को वह कुलपति से मिलेंगे और शिकायत पर जांच के बारे में जानकारी लेंगे। इस मामले में कुलसचिव के मोबाइल पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। जब उनका पक्ष आएगा प्रकाशित किया जाएगा।