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विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारना ही वास्तविक शिक्षा, पैदा होनी चाहिए ज्ञान की भूख

Sun, 09 Feb 2020 09:29 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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चित्रकला प्रदर्शनी को देखती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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विद्यार्थी के भीतर की छिपी प्रतिभा को पहचान कर निखारना ही वास्तविक शिक्षा है। शिक्षक का मूल कर्तव्य विद्यार्थियों में ज्ञान की भूख पैदा करना है। विद्यार्थियों को अपनी दुश्वारियों का बहाना बनाने के बजाए उसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए।

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यह बातें द्रोपदी देवी विंध्याचल स्नातकोत्तर महाविद्यालय अहिरौली सिंहोराव में विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह नेे कही।

वह महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ज्ञान व तकनीकी के जरिए ही हम विश्वगुरु बनेंगे। सिर्फ किताबी ज्ञान से रोजगार प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन राष्ट्र और समाज के लिए कुछ करने के लिए चिंतन जरूरी है। विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रदीप कुमार यादव आचार्य रक्षा अध्ययन विभाग एवं मुख्य नियंता गोरखपुर विवि ने कहा कि शिक्षा का मुख्य कार्य छात्र-छात्राओं का चरित्र निर्माण है। जीवन में सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारण आवश्यक है।

अध्यक्षीय भाषण में महापौर सीताराम जायसवाल ने कहा कि छात्रों की सृजनात्मक क्षमता के विकास का प्रमुख साधन है। संस्था के प्रबंधक ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. चेतना पांडेय ने किया। इस अवसर पर छात्रों-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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इस मौके पर संस्था के प्राचार्य डॉ. कृष्णमुरारी पाल, डॉ. सपना सिंह, डॉ. अनीश कुमार मल्ल, सूर्यजीत सिंह, डॉ. राकेश गुप्ता, जयश्री रावत, डॉ. लक्ष्मी मिश्रा, डॉ. अनुराधा सुमन, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. विधान चंद्र यादव, डॉ. संजय सारस्वत, डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. विमलेश कुमार यादव, डॉ. देवेंद्र शर्मा, डॉ. आदित्य भास्कर, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. विनियोगिता सिंह आदि उपस्थित रहे।

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