कुलपति के निर्देश पर गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी की मौखिक परीक्षा (वाइवा) के ऑडियो, वीडियो रिकार्डिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। रिकार्डिंग को संबंधित विभाग, केंद्रीय पुस्तकालय एवं शोध अनुभाग में सुरक्षित रखा जाएगा। इसमें मददगार मीडिया सेल के प्रभारी प्रो. अजय शुक्ला होंगे। जरूरत पड़ने पर राजभवन में भी रिकार्डिंग को मंगाकर देखा जा सकेगा।
राज्यपाल ने छह सितंबर 2019 को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की थी और उन्हें शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर कराने का सुझाव दिया था। तय किया गया था कि वाइवा की ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग भी होगी। अमर उजाला ने 10 सितंबर को ‘पीएचडी : मौखिक परीक्षा की अब ऑडियो, वीडियो रिकार्डिंग’ शीर्षक से इस खबर को प्रकाशित किया था।
कुलपति प्रो. वीके सिंह ने 20 फरवरी को इस संबंध में व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था से शोधार्थी रिकॉर्डिंग की मदद से यह देख सकेंगे कि संबंधित रिसर्च स्कॉलर ने किसी विषय में वाइवा कैसे दिया। इससे शोध में पारदर्शिता तो आएगी ही, नए शोधार्थियों को फायदा होगा।