केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं और बारहवीं के प्रश्न पत्रों के स्वरूप में बदलाव किया है। अब इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 10 फीसदी की बजाय 20 फीसदी ऑब्जेटिव सवालों के जवाब देने होंगे।
वहीं सीनियर सेकेंड्री के जीव विज्ञान के पेपर के कुल प्रश्नों में से 10 फीसदी सवाल केस स्टडी से जुड़े होंगे। सत्र 2020-21 परीक्षाओं में ये व्यवस्था लागू होगी। इसका आदेश गोरखपुर में सीबीएसई बोर्ड से संचालित 103 विद्यालयों में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक हाल ही में कोरोना वायरस की वजह से स्थगित की गई 29 विषयों की प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा में ये नियम लागू नहीं होंगे। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में वस्तुनिष्ठ प्रश्न इसी सत्र से शुरु किए गए हैं जिसमें प्रश्न का उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनना होता है।
ऑब्जेक्टिव टाइप के अतिरिक्त पेपर में शॉर्ट-आंसर और लांग आंसर के सवाल पूछे जाते हैं। विद्यार्थियों की सहुलियत के लिए आब्जेक्टिव सवालों की संख्या को बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही बोर्ड ने विभिन्न विषयों के अध्याय में भी बदलाव किया हैं। सेकेंड्री स्तर पर रसायन विज्ञान के सॉलिड स्टेट चैप्टर में पी ब्लॉक के 15 ग्रुप टॉपिक्स 11वीं से हटाकर 12वीं में कर दिया है।
11वीं के छात्र पढ़ सकेंगे एप्लाईड मैथ
दूसरी ओर बोर्ड एक 2020 को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सकेंड्री लेवल पर मैथ के सिलेबस में एप्लाईड मैथमेटिक्स का एक नया विकल्प जोड़ दिया है। इस विषय को वर्तमान सत्र 2020-21 से ही लागू किया है। जिन विद्यार्थियों के पास दसवीं में बेसिक गणित है, वो 11वीं में प्रवेश के दौरान एप्लाईड मैथ का चुनाव कर सकते हैं।