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सरकारी स्कूलों में अब प्री प्राइमरी की भी पढ़ाई, गरीबों के बच्चों को भी मिलेगी सहूलियत

Wed, 29 Jan 2020 07:34 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का सपना होगा साकार। - फोटो : file photo
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आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के परिषदीय विद्यालयों के एलकेजी और यूकेजी में पढ़ने का सपना साकार होगा। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। प्री-प्राइमरी की कक्षाओं का संचालन शैक्षिक सत्र 2020-21 से होगा। इसमें तीन से पांच वर्ष के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। जिले में भी इस आदेश पर अमल शुरू हो गया है।
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मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक कक्षा एक में प्रवेश के लिए पांच वर्ष की उम्र होना आवश्यक है। इससे कम की आयु वाले विद्यार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलने वाली कक्षाओं में प्रवेश दिया जाता है। सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के सीखने की क्षमता बेहद कमजोर मिली है।

नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को पठन-पाठन की व्यवस्था से मुक्त किया जा रहा है। गरीबों के बच्चों को परिषदीय विद्यालयों तक लाने के लिए इनका कायाकल्प किया जा रहा है। निजी स्कूलों से टक्कर देने के लिए अंग्रेजी माध्यम से भी कई परिषदीय स्कूलों को संचालन किया जा रहा है।
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विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें, ड्रेस, जूता, मोजा, बैग, स्वेटर, एमडीएम आदि प्रदान किया जा रहा है। इससे इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ी है।
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थमेगा विद्यार्थियों का पलायन

विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक ही छत के नीचे सभी विद्यार्थी आठवीं तक की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। प्री प्राइमरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद से उन्हें प्रवेश के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे एक तरफ विद्यालयों में नामांकन की स्थिति दुरुस्त होगी। वहीं प्री प्राइमरी में गरीबों के बच्चों के बढ़ाई का मार्ग खुल सकेगा।
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मोटी फीस वसूलते हैं निजी विद्यालय
प्री प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश के नाम पर निजी विद्यालय अभिभावकों से मोटी फीस की मांग करते हैं। इस वजह से अल्प आय वर्ग के अभिभावक अपने बच्चों को चाह कर भी ऐसे विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिला पाते हैं। सरकारी विद्यालयों में प्री प्राइमरी कक्षाएं चलने से अल्प आय वर्ग के विद्यार्थी भी प्रवेश ले सकेंगे।

 
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एक नजर में

प्राथमिक विद्यालय - 2151
उच्च प्राथमिक विद्यालय - 824
कुल                - 2975
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प्राथमिक विद्यालय (शिक्षक) - 5350
उच्च प्राथमिक विद्यालय (शिक्षक) - 2571
 कुल            - 7921

कोट
नए शैक्षिक सत्र से प्री प्राइमरी की कक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी मिली है। इसे लागू कराया जाएगा। फिलहाल जहां-जहां परिषदीय विद्यालय मौजूद हैं, उन विद्यालयों में विद्यार्थियों को अगले सत्र से प्रवेश दिया जाएगा। तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिक्षकों को इस बारे में अवगत कराया जा रहा है।
- बीएन सिंह, बीएसए
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