परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को अब मिट्ठू तोता ‘कद्दू की बरात’ की दास्तान सुनाएगा वहीं चुलबुली ‘परी’, ‘किसान की चतुराई’ से जुड़ी पाठ्य पुस्तक में मौजूद कहानियों को सुनाएगी। जल्द ही ये एनिमेटेड किरदार न केवल बच्चों का तनाव दूर करते नजर आएंगे बल्कि खेल-खेल में उनका ज्ञानवर्धन भी करेंगे। इसे लेकर शिव नाडर फाउंडेशन और बेसिक शिक्षा विभाग में करार हुआ है। पहले चरण के तहत जिले में स्मार्ट क्लास वाले 40 प्राथमिक विद्यालयों में ये एनिमेटेड सॉफ्टवेयर अपलोड किए जाएंगे।
इसकी शुरुआत कक्षा-एक और दो के विद्यार्थियों के साथ होगी। कक्षा एक के विद्यार्थियों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयार पाठ्यक्रम के मुताबिक ‘कलरव’ किताब से पढ़ाया जाता है। वहीं कक्षा दो के विद्यार्थियों को ‘कलरव’ और ‘गिनतारा’ से अध्यापन कराया जा रहा है। शिव नाडर फाउंडेशन ने मिट्ठू तोता और चुलबुली परी एनिमेटेड पात्रों के माध्यम से दोनों कक्षाओं में मौजूद पाठ्यक्रम को एनिमेशन के रूप में परिवर्तित किया गया है।
शिव नाडर फाउंडेशन की सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट स्मृति रिया और शरद त्रिवेदी ने बताया कि बच्चों के मस्तिष्क पर सुनने की तुलना में चलचित्रों का मनोवैज्ञानिक तौर पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखकर एनिमेटेड कैरेक्टर्स को डिजाइन किया गया है।