मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों एकांश सक्सेना एवं आयुष कटियार को जर्मन कंपनी सीमेंस की ओर से प्रतिष्ठित ‘सीमेंस स्कालरशिप- 2019’ के लिए चुना गया है। कंपनी बीटेक के चारों वर्षों की फीस व हॉस्टल के खर्च को वहन करेगी। साथ ही दोनों को सालाना 40 हजार रुपये किताब, स्टेशनरी आदि के खर्च के लिए मिलेंगे।
स्कॉलरशिप के लिए चयनित एकांश एमएमएमयूटी के इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में बीटेक प्रथम वर्ष तथा आयुष कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र हैं। सीमेंस स्कालरशिप के लिए प्रत्येक वर्ष देश भर के सरकारी तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होनहार छात्रों का चयन होता है। आवेदन वहीं करेंगे जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो और आवेदन के समय तक सभी परीक्षाएं कम से कम प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किए हों।
तीन चरणों की चयन प्रक्रिया में देश भर के दो लाख से अधिक अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले अभ्यर्थियों का मोबाइल पर ही साक्षात्कार किया गया। इसमें सफल होने वालों को लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया था। सीमेंस ने देश भर से 150 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है। कंपनी दोनों ही छात्रों को ग्रीष्म एवं शीतकालीन छुट्टियों के दौरान व्यक्तित्व विकास एवं विषय संबंधी अन्य प्रशिक्षण देगी। बीटेक तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष में देश, विदेश में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. श्री निवास सिंह, प्रो. सर्वपाल सिंह, प्रो. पी के सिंह सहित समस्त शिक्षकों ने बधाई दी है।