छात्रों ने की मुख्य नियंता को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग।
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नियंता सर, कैंटीन में वाटर कूलर खराब है। पानी की बोतल खरीद कर पीना पड़ता है। चाय की क्वालिटी इतनी घटिया है कि अगर आप पी लें तो मूड खराब हो जाएगा। समोसा भी खाने लायक नहीं है। जबकि रेट बाजार वाला ही है। आप कार्रवाई कराएं, वरना आंदोलन होगा। यह कहना था कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों का। वे बुधवार को मुख्य नियंता कार्यालय पर पहुुंचे और ज्ञापन सौंपकर मुख्य नियंता के सामने नाराजगी जाहिर किए।
छात्रों का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता अनूप यादव एवं योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में सिर्फ एक कैंटीन है। यहां की व्यवस्थाएं बेहद खराब हैं। खाने-पीने के सामान की क्वालिटी ठीक नहीं है। यह विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। कैंटीन में लगा वाटर कूलर काफी दिनों से खराब है। शौचालय हमेशा गंदा रहता है। छात्राओं को काफी दिक्कतें होती हैं। प्रशासन ने अगर इसे गंभीरता से नहीं लिया और समस्याएं दूर नहीं कराई गईं तो आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से प्रमोद यादव, ऋषि यादव, कु लदीप तिवारी, बलराम यादव, रुद्र यादव, विख्यात भट्ट, प्रखर पांडेय, शुभम गौड़, प्रिंस गुप्ता, अभिषेक निषाद, निखिल यादव आदि शामिल रहे।