गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा विभाग ने सत्र सुधारने को लेकर अपनी तैयारियां कर रखी हैं। अब उन्हें लॉकडाउन के खत्म होने और परीक्षा को लेकर शासन के आदेश का इंतजार है। तैयारियों के मुताबिक यूजी (स्नातक) और पीजी (परास्नातक) अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराकर उनकी कॉपियां पहले जांची जाएंगी ताकि समय से परिणाम घोषित किया जा सके और इसके बाद प्रवेश परीक्षा की तिथि का निर्धारण हो सके।
विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं लॉकडाउन के पहले से ही बंद हैं। अभी 15 अप्रैल तक परीक्षाएं स्थगित हैं। हालांकि जो हालात हैं उसके मुताबिक इस महीने विश्वविद्यालय और महाविद्यालय का खुल पाना संभव नहीं दिख रहा है। सबसे ज्यादा चुनौती प्रवेश परीक्षा कराने की है। विश्वविद्यालय ने पहले ही तय कर लिया है कि स्नातक स्तर पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा होगी। जबकि परास्नातक की परीक्षाएं ऑनलाइन विश्वविद्यालय खुद कराएगा। इसके लिए अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराना जरूरी है।